पहझड़ की प्रतिक्षा।

​ *मुल्ला नसरुद्दीन जवान था। पत्नी के साथ, एक चित्रों की प्रदर्शनी थी, वहां गया। नयी—नयी शादी थी और जगह—जगह घूमने का खयाल था। प्रदर्शनी में बड़े कीमती चित्र थे। एक चित्र के पास नसरुद्दीन रुक गया और देर तक ठहरा रहा। भूल ही गया कि पत्नी भी साथ है। चित्र एक नग्न स्‍त्री का … More पहझड़ की प्रतिक्षा।

चुनावी अधिकार

​ काश ! आ जाती तुम वोट डालने के बहाने, तेरी आँखों में हम प्यार पढ़ लेते, पहचान करने के बहाने ! -मतदान अधिकारी प्रथम 😜 . . . काश ! आ जाती तुम वोट डालने के बहाने,,, हाथ पर दिल का हाल लिख देते, स्याही लगाने के बहाने !! -मतदान अधिकारी द्वितीय 😛 . … More चुनावी अधिकार

खुद को जानो।

​ अब आप खुद के ही गाइड बनो  ये ही जीवन है। खुद को ही समझाओ। और motivate करो  एकला चलो रे बाबा…… कब तलक खुद से ही अंजान रहोगे। बड़े हो गए हो कब तलक नादान रहोगे। बस दिल से बच्चे और दिमाग से बड़े बनो  ये संतुलन लाना होगा.  बस एक बात का … More खुद को जानो।

प्रेम दिवस पर……

अंग्रेजी प्रेम दिवस पर हिंदी ग़ज़ल। तकलीफ़ों में भी हम रह लेंगे। गर तेरा है, तो ग़म सह लेंगे।[1] अब चाहे कितनी ही मुसीबतें आये । तूफानों में भी साथ हम रह लेंगे।[2] यूँ तो आशिक़ मिज़ाजी हम भी हैं। अब कोई कहे तो सनम कह लेंगे।[3] ©Patelsachin846.wordpress.com ©Sachin patel ©All rights reserved…

दर्द।

​खड़े थे कई बच्चे तितर-बितर। नहीं था पानी बिजली नहीं थी। कीचड़ था। आंधी चलती थी। बूंदें गिरती थीं। रोती थीं कविता की दुनिया में- रात की नदियाँ। घोंसले बनते थे उजड़ते थे- स्त्रियाँ लाती थीं मीलों दूर से भरकर घड़े। बच्चियाँ मांजती थीं सुबह से रात तक बर्तन दूसरों के। आती-जाती थीं ट्रेनें। नीम … More दर्द।

साहिल।

बैठ सकूँ  इस महफ़िल में, मैं अभी इस क़ाबिल नहीं। कर सको साबित हमें , तुम भी अभी इस क़ाबिल नहीं।[1] किस हक़ से तुमने उस बेगुनाह पर ऊँगली उठाई, कोई फ़ैसला करो, ये औक़ात तुम्हें अभी हासिल नहीं।[2] गुनहगार हो कितना ही बड़ा, माफ़ करना पड़ता है। गलती अपनी फिर दोहराये , वो इतना … More साहिल।

ये मेरी कुछ अच्छी रचनाओं मेसे एक है।

http://wp.me/p8iAGH-2j ये में पुनः शेयर कर रहा हूँ। जो मेरे पाठक इसे नहीं पढ़ पाये हैं। उनके लिए पुनः लिंक शेयर की है। कृपया अपने विचार जरुर मुझ तक पहुचाएं। 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏